कामना पूर्ति अनुष्ठान

  • कामना पूर्ति अनुष्ठान (अथर्व/यजुर्वेद): निश्चित उत्पाद के लिये, प्रोजेक्ट की सफलता उसकी समय सिमा को ध्यान में रखते हुए जो भी उपलब्ध हो।
  • चारों वेदों के मंत्रों द्वारा विभिन्न प्रकार की ४९ कामनाओं की पूर्ति ( सिद्धि ) के लिए प्रयोग में आने वाले मंत्रो व सूक्तों का प्रयोग विधि द्वारा अनुष्ठान ।
  • वेद मंत्रो द्वारा १३ रोगों का उपचार प्रयोग विधि सहित सूर्योपस्थान , ब्रहद्शान्ति तथा जलावसेचन, वैदिक देवताओं की परिचय एवं परस्पर एकत्व की निरूपण, सभी देवताओं की विस्तृत वैदिक पूजन ।
  • कामनापूर्ति संबन्धी विषय जैसे – पति प्राप्ति , पत्नी प्राप्ति , पुत्र प्राप्ति , विद्या प्राप्ति , आरोग्य प्राप्ति , दीर्धायु प्राप्ति , परीक्षा में सफलता , बंधन मुक्ति , गर्भ प्राप्ति , गर्भ दोष निवारण , लक्ष्मी प्राप्ति , व्यापार हानि निवारण , पारिवारिक द्वेष की शान्ति , वैर भाव शान्ति , पति पत्नी वैमनस्य निवारण , शत्रु बाधा निवारण , स्त्री सौभाग्य वृद्धि , ऋणमुक्ति , दुव्यर्सन से मुक्ति , ऐश्वर्य प्राप्ति , सर्वकामना पूर्ति तथा रोगों में – असाध्य रोग , बालरोग , नेत्र रोग , खांसी , गण्डमाला , पीलिया , गुल्म , गठिया , कुष्ठ , ज्वर , उन्माद , मिर्गी तथा आनुवांशिक रोग आदि कुछ अन्य विषयों पर कुल १२२ प्रयोगों का वर्णन ।